उपचारात्मक शिक्षण का महत्व

 उपचारात्मक शिक्षण का महत्व

1. इसमें छात्रों की कठिनाइयों का निराकरण होता है ।

2. इसमें छात्रों को विशेष शिक्षा प्राप्त होती है।

3. उपचारात्मक शिक्षण में छात्रों को अपने विचारों को संगठित करने, व्याख्या करने ,व तुलना करने का अवसर प्राप्त होता है।

4. इसके प्रयोग से छात्र अन्य छात्रों के साथ अध्ययन कर पाता है।

5. छात्रों की सभी कमजोरियों पर बल दिया जाता है।

6. छात्रों को इस प्रकार के शिक्षण में समुचित अभिप्रेरणा प्रदान की जाती है

7. छात्र अपने कार्य में रुचि लेने लगते हैं।


उपचारात्मक शिक्षण की विधियां(Methods of Remedial Teaching)

1. अभ्यास पुस्तिका या कार्यपुस्तिका का उपयोग करके।

2. दृश्य- श्रव्य सामग्री का उपयोग करके।

3. संदर्भ पुस्तक या अन्य सामग्री का उपयोग करके।

4. पुरस्कार तथा प्रशंसा का उपयोग करके।

 5. सहपाठी अध्ययन समूह बनाकर ।

6. वैकल्पिक शिक्षण विधि का प्रयोग करके।

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